पिछले हफ्ते रिलीज हुई फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ ने बॉक्स ऑफिस पर रौनक लौटा दी है। हालांकि कुछ लोगों ने फिल्म की लंबाई ज्यादा होने पर सवाल भी उठाए थे। उनका कहना था कि करीब तीन घंटे लंबी इस फिल्म की लंबाई आधा घंटे कम होनी चाहिए थी। वहीं कई दर्शकों का तो यह भी कहना है कि अब उन्हें तीन घंटे लंबी फिल्में देखने की आदत नहीं रही। उधर अगले हफ्ते रिलीज होने वाली सनी देओल की फिल्म ‘गदर 2’ की लंबाई भी 2 घंटे 50 मिनट है। जबकि उसके अपोजिट रिलीज हो रही अक्षय कुमार की फिल्म ‘ओएमजी 2’ की लंबाई भी ढाई घंटे से ज्यादा बताई जा रही है। बीते दिनों रिलीज हुई फिल्मों पर नजर डालें, तो जून में रिलीज हुई प्रभास की फिल्म ‘आदिपुरुष’ जहां 3 घंटे लंबी थी। वहीं होली वीकेंड पर रिलीज हुई रणबीर कपूर की ‘तू झूठी मैं मक्कार’ फिल्म की लंबाई भी करीब पौने तीन घंटे थी।बढ़ गई ट्रेलर की लंबाई भीज्यादा दिनों की बात नहीं है, जब फिल्मों के ट्रेलर की लंबाई अमूमन दो से ढाई मिनट हुआ करती थी। लेकिन आजकल आ रहीं ढाई से तीन घंटे लंबी फिल्मों के ट्रेलर की लंबाई भी बढ़कर तीन मिनट से ज्यादा हो गई है। पिछले दिनों रिलीज हुईं ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’, ‘आदिपुरुष’ व ‘तू झूठी मैं मक्कार’ जैसी फिल्मों के ट्रेलर की लंबाई तीन मिनट से ज्यादा थी। वहीं इंडिपेंडेंस डे वीकेंड पर रिलीज हो रहीं दोनों फिल्मों ‘गदर 2’ व ‘ओएमजी 2’ के हाल ही में रिलीज हुए ट्रेलर भी तीन मिनट से ज्यादा लंबे थे। फिल्मों के लंबे ट्रेलर रिलीज करने के ट्रेंड को देखते हुए कुछ दर्शकों का तो यहां तक भी कहना है कि इतने लंबे ट्रेलर को देखने के बाद उन्हें फिल्म की पूरी कहानी का आइडिया लग जाता है।BB OTT 2 Grand Finale: पहली बार रविवार नहीं सोमवार को हो रहा ग्रैंड फिनाले, कौन जीतेगा शो! कितनी है प्राइज मनी?’यह पूरी तरह डायरेक्टर का फैसला होता है’फिल्मी दुनिया के जानकारों का मानना है कि कोविड के बाद से चुनिंदा फिल्मों के ही बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करने से परेशान फिल्मवाले दर्शकों को लुभाने के लिए हरेक तरीका आजमा रहे हैं। इस बारे में बात करने पर प्रोड्यूसर और फिल्म बिजनेस एनालिस्ट गिरीश जौहर कहते हैं, ‘निर्माताओं को समझ आ गया है कि अब दर्शकों को अच्छा कॉन्टेंट चाहिए। अगर आपकी फिल्म में दम है, तो उसकी लंबाई आप चाहे कितनी भी रखिए। लेकिन अगर कॉन्टेंट में दो घंटे का ही दम है, तो बिना वजह उसे बढ़ाइए मत।’'अपने बच्चे को पब्लिक में दूध पिलाने में शर्म नहीं मुझे', शादी के 11 साल बाद मां बनी Neha Marda ने की बेटी की बातफिल्म का मजा 3 घंटे में आता हैउन्होंने आगे कहा, ‘हालांकि दो से सवा दो घंटे की फिल्म सबके लिए फायदेमंद होती है, क्योंकि उनके ज्यादा शो चल पाते हैं। लेकिन अगर डायरेक्टर को लगता है कि उसकी फिल्म का पूरा मजा तीन घंटे में आएगा, तो इसमें कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए। इसी तरह अगर आजकल फिल्मों के ट्रेलर भी तीन मिनट से लंबे हो रहे हैं, तो यह भी पूरी तरह डायरेक्टर का फैसला होता है कि वह अपनी फिल्म का कितना हिस्सा रिलीज से पहले दिखाना चाहता है।’