nirmala sitharaman reaction on adani, ‘सत्ता के गलियारों से दलालों की मंडली की छुट्टी’, बजट पर वित्त मंत्री सीतारमण का बेबाक इंटरव्यू – finance minister nirmala sitharaman interview on budget and hindenburg gautam adani report

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को बजट के मसौदे को लेकर बेबाकी से एक न्यूज चैनल इंटरव्यू में अपने विचार रखे। वित्तमंत्री ने कहा कि पहले सत्ता के गलियारों में दलाल घूमते थे। मोदी सरकार ने दलालों को पूरी तरह से हटाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार से पहले बजट के मसौदे पर दलालों का दवाब हुआ करता था, मगर अब बजट देश की जनता के हित को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। बजट तैयार करते वक्त दलालों के निजी स्वार्थ पर फोकस नहीं किया जाता है। देश का बजट इस बात को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है कि बजट किसी भी वर्ग को निराश ना करे। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने नीति-निर्माण के एक ट्रांसपेरेंट सिस्टम को तैयार किया है, इस सिस्टम के तहत सत्ता के गलियारों से दलाल गायब हो गए हैं।’ जब सीतारमण से पूछा गया कि बजट को बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बेकार और दिशाहीन बताया है, आप इस पर क्या कहेंगी? इस सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा, ‘बजट किसी विशेष के लिए उत्साह पैदा करने के लिए नहीं बल्कि लोगों की जरूरतों को पूरा करने और उनके मुद्दों को हल करने के लिए तैयार किया जाता है। यह एक गंभीर दस्तावेज है।’ उन्होंने कहा, ‘ विपक्ष के नेताओं को आम आदमी से सीखना चाहिए और उचित होमवर्क के बाद विचार व्यक्त करना चाहिए।’पीएम मोदी ने नीति-निर्माण के एक ट्रांसपेरेंट सिस्टम को तैयार किया है, इस सिस्टम के तहत सत्ता के गलियारों से दलाल गायब हो गए हैं।’वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमण’क्या वे गरीबी दूर कर सकते थे’बजट पर गरीबों की कोई चर्चा नहीं वाले कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की टिप्पणी पर निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया कि ‘अगर कांग्रेस नेता 100 बार इसका जिक्र करते तो क्या होता? क्या वे गरीबी दूर कर सकते थे? कांग्रेस की यह आदत है कि वह हक की बात करती है लेकिन देती कुछ नहीं है। दूसरी ओर पीएम मोदी का नेतृत्व अंतिम छोर तक लोगों को सुख-सुविधा पहुंचाने में विश्वास करता है।’अडानी प्रकरण में क्या बोलीं वित्त मंत्री ?जब वित्त मंत्री से जब पूछा गया कि अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों ने अडानी की वजह से भारत के मार्केट से 2 बिलियन डॉलर बाहर निकाल लिया है, तो क्या इससे देश का नुकसान नहीं है? इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि इन आकड़ों के बारे में मैं स्टडी करने के बाद ही कुछ कह सकती हूं। उन्होंने कहा कि LIC-SBI ने अडानी विवाद पर खुद अपना पक्ष सामने रखा है। सीतारमण से पूछा गया कि विपक्ष इस मामले में जेपीसी से जांच की मांग कर रहा है। इसपर उन्होंने कहा कि अडानी मामले में जेपीसी पर कुछ नहीं बोलना चाहती हूं। वित्त मंत्री ने कहा कि अडानी के केस को देखने के लिए रेग्युलेटर्स हैं। LIC-SBI के बहुत कम स्टेक अडानी की कंपनियों में लगे हैं। Anand Mahindra: वो दिन भी देख लेना… अडानी संकट पर मजे लेने वालों को 5 बातें गिना महिंद्रा ने पूछा- कोई शक?मनरेगा बजट पर क्या बोली सीतारमण?निर्मला सीतारमण ने अल्पसंख्यक मंत्रालय और मनरेगा का बजट कम होने पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि पहले बजट में फंड काफी बिखरा रहता था, हमने इसे एक जगह किया है, जिससे लोगों को ज्यादा लाभ मिलेगा। साथ ही हर एक को घर और हर घर जल योजना में भी मनरेगा में काम करने वालों को मौका मिलेगा। इससे वहां से भी उनकी आय होगी।